एक रूह है जिसको सुकून की तलाश है



ज़िंदगी में सुकून पाने के लिए एक बात स्वीकार करें- 'दुनिया में हर व्यक्ति मतलबी है।' यह स्वीकार करते ही अब आपको लोगों का व्यवहार समझ आने लगेगा, आपको कुछ भी अनपेक्षित नहीं लगेगा, बेकार की लोगों से अपेक्षाएं खत्म हो जाएगी... आप लोगों का मतलब पूरा करेंगें तो ही प्रेम, सम्मान और पैसा पा सकेंगें अन्यथा नहीं।



स्वीकार करें कि, 'हर व्यक्ति मतलबी ही है।' इसे स्वीकार किए बगैर आप सुखी जीवन नहीं जी सकते। अगर आप सोच रहे हैं कि आपके आसपास के और दुनिया के अधिकांश लोग संत-फ़क़ीर हैं और उनमें कुछ भी स्वार्थ नहीं है तो इंतज़ार कीजिए अपने दिल के टुकड़े टुकड़े होने का, आँखों से झरने बहने का, उदासी भरी रातों का, नाउम्मीदी से भरी सुबहों का... दुःखों की झील में गोते लगाते, डूबते, उभरते, थपेड़े खाते अपने जीवन का।


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